Powered By Blogger

Monday, 2 January 2012

राजस्थानी की दुर्लभतम कविता "क्यूं भूल रिया निज भासा नै, जो मायङ राजस्थानी है"

इण नै माता रै पेट सुणी, इण नै पीढे पर लेट
सुणी,
पीळे पोतङियां मेँ पळकर, दायी-
दादी री कथा गुणी,
दादै रै हरख दुलारां मेँ, नानै रै माखण
न्हयारां मेँ,
मामै-मामी री प्यारां में, बाबलियै रै
बुचकारां मेँ,
नानी री कहाणी तो ओजूं, आखां नै आज
जबानी है।
क्यूं भूल रिया निज भासा नै, जो मायङ
राजस्थानी है॥1॥
भाई-भैणा में नाच-कूद, रंग आंख
मीँचणी रमता हा,
जागण-जम्मा अर रतजग्गा, जद सुण नै खातर
जमता हा,
पोसाळ पधारया गुरुवां री, मूंढै माथै
मरुवाणी ही,
जिण रै जरियै ही सूं सगळां,
हिन्दी अंग्रेजी जाणी ही,
जिनङी री मोटी नीव जमी, रूं-रूं मेँ
रमी दिवानी है।
क्यूं भूल रिया निज भासा नै, जो मायङ
राजस्थानी है ॥2॥
इण में वीरां री वात मिलै, इण मेँ जौहर
री ख्यात खिलै,
चारण जैन्यां री चेतनता,
लिखियोङी पोथ्यां जोत झिलै,
सैणां-नैणां रो ग्यान लियां,
दातारी रो सणमाण दियां,
दिलदारी अक्कल में ऊंची, विस्वै में व्यापक
नांव कियां,
जिण सूं देवा-लेवो सीख्या, बड मायङ
भासा मानी है।
क्यूं भूल रिया निज भासा नै, जो मायङ
राजस्थानी है ॥3॥
सेवा-सट्टां री सेनाणी, बीजक
हुंड्या री हेमाणी,
दरबारी पट्टां-पतरां री, नवनीत-रीत
री नेमाणी,
आसाम, ममोई ना अटकी, नंनण रै
खेती जा खटकी,
सिक्कम-गांटुक रै गैला मेँ, वाणिज मेँ
बिजली सी कटकी,
जग जीवट आदू अण्णभै सूं, पाई धाखङ
जिनगानी है।
क्यूं भूल रिया निज भासा नै, जो मायङ
राजस्थानी है॥4॥
रही माऊ कळाकारां री, है हाऊ दुसमण
सारां री,
आ: ताऊ तामसकारां री, नातेली सागण
न्हारां री,
सुख री भोमी री साख चि'णो,
मीठी मधरी नग आंख मिणो,
धन राजस्थान सुख रुप धनी, मन-माळव मात
जबान गिणो,
भासां रै इतिहासां उज्जळ, विग्यान
मनां रजधानी है।
क्यूं भूल रिया निज भासा नै, जो मायङ
राजस्थानी है ॥5॥
प्राचीन काळ सूं सरस पगी,
हिन्दी साहित री नींव लगी,
भल सौरसेनी अप भ्रंस जणी, जिण सूं
ही ब्रज अर खङी जगी,
रासां री रीत पुराणी है,
सन्तां म्हंता पैंचाणी है,
गाथां गीतां रा भेद घणा, हद गौरव
पुखता पाणी है,
जूनापै में कुण होङ करै, गद्य-जात सैंग
लजखानी है।
क्यूं भूल रिया निज भासा नै, जो मायङ
राजस्थानी है ॥6॥
गुरुदेव रवीन्द्र सुण रीझयो, मैमा माळवीय
हांफीज्यो,
सर टॉड ग्रियर्सन दिल सीज्यो,
तैसीतोरी भणकर भीज्यो,
चाटुरज्या इण नै चावै है, धीरेन्दर जी मन
भावै है,
गुण गावै भासा विग्यानी, दो क्रोङ
मिनख मूं बावै है,
देखण नै दुनिया राजी है, भाजी आवै इण
कानी है।
क्यूं भूल रिया निज भासा नै, जो मायङ
राजस्थानी है ॥7॥
ख्यातां-वातां रा भंडारा, बचनिका,
वेलि रा गुण न्यारा,
भरपूर भारती दसा-रसां, परवाद सतसई सै
प्यारा,
सतरंगी साहित धारा है, लेखक
कवियां री करणी है,
भवसागर पार उतरणी है, भावां गुण-
गरिमा-तरणी है,
ओंळमै, कळायण, कुरजां, लू, मरुवाणी वीर-
भवानी है।
क्यूं भूल रिया निज भासा नै, जो मायङ
राजस्थानी है॥8॥
इण सूं ही बाबू साहब वणै, अर अवस वडा नर
वाजै है,
खावां-भावां, पैनावां री, रग-रग में
भासा साजै है,
संस्करती सब्दा सागण है, पर
परकरती बदळावै है,
मां दूध तणा जो तत्व मिलै, कद
छयाळी दूधां पावै है,
पण आदत सूं मजबूर हुया, गळ गिट-पिट राग
मिलानी है।
क्यूं भूल रिया निज भासा नै, जो मायङ
राजस्थानी है ॥9॥
मायङ रो दरजो ऊंचो है, मायङ रो करज
समूचो है,
कुण काढै इण मेँ खूंचो है, लिखतां कुण पकङै
पूंचो है,
पर आः बूढी माता दाई है, दूजोङी धण
जोबन छाई है,
हम-तम, इंगलिस अपणावणियां, मायङ सूं लज
मैमा पाई है,
कळजुग मेँ हुया कपूत घणा,
जो बहुवां रा वरदानी है।
क्यूं भूल रिया निज भासा नै, जो मायङ
राजस्थानी है ॥10॥
- सा. म. श्री नानूराम संस्कर्ता
Ledger Typed by - Dr. Madan Gopal
Ladha

4 comments:

  1. विद्वान साथियों, राजस्थानी के
    ख्यातनाम साहित्यकार स्व. नानूराम
    जी संस्कर्ता की यह कालजयी रचना 1
    अगस्त 1967 मेँ छपी थी। इस
    रचना को प्राप्त करने के लिये हमेँ
    श्री मदन गोपाल लढा को धन्यवाद
    देना चाहिए । उनके अथक प्रयासोँ से ये
    कविता हमारे बीच आयी है । कृपया मुझे
    बधाई न देँ । डॉ. मदन गोपाल जी बधाई
    और प्रशंसा के पात्र हैँ।

    ReplyDelete
  2. vah gangasagar....tu gyan sagar bhi hai....

    ReplyDelete
  3. CONTACT US FOR ALL KINDS OF hACKING JOB @ {wizardcyprushacker@gmail.com} and Text Business WhatsApp with +1 (424) 209-7204


    We offer professional hacking services ,

    we offer the following services;
    -University grades
    changing-Bank accounts
    hack-Erase criminal records
    hack-Facebook
    hack-Twitters
    hack-email accounts
    hack-Grade Changes
    hack-Website crashed
    hack-server crashed
    hack-Skype
    hack-BTC Recovery Databases
    hack Word Press Blogs
    hack-Individual computers
    hack-Control devices remotely hack-Burner Numbers
    hack-Verified Paypal Accounts
    hack-Any social media account
    hack-Android & iPhone hack-Text message interception hack-email interception
    hack-Untraceable Ip etc.

    Contact us at {wizardcyprushacker@gmail.com} or text Business Whatsapp: +1 (424) 209-7204
    for more inquiry.Track Calls log and Spy Call Recording.Monitoring SMS text messages remotely.Cell phone GPS location tracking. Spy on Whatsapp Messages.
    Free Update and 100% Undetectable.Track BBM messages and Line messages.

    Track Internet Browsing history and Read phone Access Address Book, totally worth your money.
    please no time wasters, he or she won't under any circumstances work for free, you can reach them by email {wizardcyprushacker@gmail.com} WhatsApp with +1 (424) 209-7204

    ReplyDelete