Powered By Blogger

Wednesday, 9 November 2011

बच्चे काम पर जा रहे हैं

कोहरे से ढँकी सङक पर बच्चे काम पर जा रहे हैँ
सुबह सुबह


बच्चे काम पर जा रहे हैँ
हमारे समय की सबसे भयानक पंक्ति है यह
भयानक है इसे सवाल की तरह


काम पर क्योँ जा रहे हैँ बच्चे?

क्या अंतरिक्ष मेँ गिर गई हैँ सारी गेँदेँ
क्या दीमकोँ ने खा लिया है
सारी रंग बिरंगी किताबोँ को
क्या काले पहाङ के नीचे दब गए हैँ सारे खिलौने
क्या किसी भूकंप में ढह गई हैँ
सारे मदरसोँ की इमारतें


क्या सारे मैदान, सारे बगीचे और घरोँ के आँगन
खत्म हो गए हैँ एकाएक
तो फिर बचा ही क्या है इस दुनिया मेँ?
कितना भयानक होता अगल ऐसा होता
भयानक है लेकिन इससे भी ज़्यादा यह
कि हैँ सारी चीजेँ हस्बमामूल

पर दुनिया की हज़ारोँ सड़कोँ से गुजरते हुए
बच्चे, बहुत छोटे छोटे बच्चे
काम पर जा रहे हैँ।

-राजेश जोशी

No comments:

Post a Comment